← Back to stories

Motivation

फिर से बोर्ड पर

बेथनी हैमिल्टन तेरह साल की थीं, और हवाई की सबसे होनहार युवा सर्फ़रों में से एक, जब एक शार्क ने उनकी बाईं बाँह छीन ली। एक महीने बाद वे फिर से समंदर में उतरीं।

  • 3 मिनट की कहानी
  • Ages 10+
  • True story
  • 2003–today

ध्यान दें: इस कहानी में एक शार्क के हमले और एक गंभीर चोट का ब्योरा है।

इस भाषा में पढ़ें

31 अक्टूबर 2003 की सुबह-सुबह, हवाई के काउआई द्वीप के उत्तरी किनारे के पास समंदर शांत और साफ़ था। कुछ सर्फ़र चट्टानी रीफ़ के उस पार टनल्स नाम की जगह पर अपने बोर्डों पर लेटे लहरों का इंतज़ार कर रहे थे।

उनमें से एक थी तेरह साल की एक लड़की, बेथनी हैमिल्टन। उसके पास उसकी सबसे अच्छी सहेली एलाना ब्लैंचर्ड, एलाना के पिता और एलाना का भाई थे।

बेथनी अपने बोर्ड पर लेटी थी, और उसकी बाईं बाँह ठंडे पानी में लटक रही थी। उसे अचानक एक ज़ोरदार, भारी खिंचाव महसूस हुआ। जब उसने नीचे देखा, तो उसके आस-पास का पानी लाल था।

शार्क

लगभग चार मीटर लंबी एक टाइगर शार्क ने उसे काट लिया था। वह उसकी बाईं बाँह, कंधे के ठीक नीचे से, और उसके सर्फ़बोर्ड का आधे चाँद जैसा एक बड़ा टुकड़ा ले गई थी।

बेथनी चीख़ी नहीं। उसने शांत आवाज़ में पुकारकर बताया कि उस पर शार्क ने हमला किया है, और अपनी एक बाँह से किनारे की ओर पैडल करने लगी। एलाना के पिता, होल्ट, उसे बोर्ड समेत धकेलते और खींचते हुए ले चले। रास्ते में उन्होंने सर्फ़बोर्ड की एक रस्सी उसकी बची हुई बाँह पर कसकर लपेट दी, ताकि ख़ून का बहना धीमा हो।

किनारे पर किसी ने एम्बुलेंस बुलाई। अस्पताल पहुँचने तक वह अपने शरीर का आधे से ज़्यादा ख़ून खो चुकी थी।

अस्पताल

उस सुबह एक अजीब संयोग हुआ। बेथनी के पिता, टॉम, पहले से उसी अस्पताल में थे, जहाँ उनके घुटने का ऑपरेशन होने वाला था। जब ख़बर आई कि शार्क के हमले के बाद एक छोटी लड़की को लाया गया है, तो उनका ऑपरेशन रद्द कर दिया गया। ऑपरेशन थिएटर और सर्जन की ज़रूरत उनकी बेटी को थी।

डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। वह लगभग एक हफ़्ता अस्पताल में रही। बाँह नहीं बचाई जा सकी।

फिर से सर्फ़ करना सीखना

बेथनी बहुत छोटी उम्र से सर्फ़िंग कर रही थी। उसके माँ-बाप दोनों सर्फ़र थे, और उसके भाई भी। हमले से पहले ही वह मुक़ाबले जीतने लगी थी, और लोग उसे भविष्य की एक पेशेवर सर्फ़र के रूप में देखते थे।

अब हर चीज़ ज़्यादा मुश्किल थी। उसे एक हाथ से कपड़े पहनना, बाल बाँधना और रोज़ के सैकड़ों छोटे-छोटे काम करना सीखना पड़ा। बहुत-से लोगों को उम्मीद थी कि वह सर्फ़िंग छोड़ देगी।

उसने नहीं छोड़ी। हमले के लगभग एक महीने बाद वह फिर पानी में उतरी।

शुरू में वह अपने बोर्ड पर खड़ी तक नहीं हो पाती थी। एक बाँह से पैडल करना धीमा था, और लेटे-लेटे एक झटके में खड़े हो जाने के लिए, जिसे "पॉप-अप" कहते हैं, दोनों हाथों की ज़रूरत होती थी। वह बार-बार गिरी। उसने एक लंबा, मोटा बोर्ड आज़माया जिस पर संतुलन बनाना आसान था। उसने पैडल करते समय पैरों से ज़्यादा ज़ोर से पानी मारना सीखा। अभ्यास के साथ उसने अपने पैरों पर उठने का एक नया तरीक़ा ढूँढ़ लिया।

फिर उसने एक लहर पकड़ी, और उस पर सवार हो गई।

फिर से मुक़ाबले में

हमले के कुछ महीने बाद बेथनी ने एक सर्फ़िंग मुक़ाबले में हिस्सा लिया। वह जीती नहीं, लेकिन उसने मुक़ाबला किया।

2005 में, हमले के दो साल से भी कम समय बाद, उसने अमेरिका में नेशनल स्कॉलैस्टिक सर्फ़िंग एसोसिएशन की चैंपियनशिप में अपने वर्ग का राष्ट्रीय ख़िताब जीता। 2007 में वह पेशेवर सर्फ़र बन गई, और दुनिया के सबसे अच्छे सर्फ़रों से मुक़ाबला करने लगी।

बेथनी ने अक्सर बताया है कि किस चीज़ ने उसे सँभाले रखा: उसका परिवार, उसके दोस्त और उसकी ईसाई आस्था। वह इस हमले को ऐसी चीज़ नहीं बताती जिसे वह ख़ुद चुनती। लेकिन उसने कहा है कि इसने उसे मुश्किल दौर से गुज़र रहे दूसरे लोगों का हौसला बढ़ाने का मौक़ा दिया, और उसने अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा यही करने में लगाया है।

आज

बेथनी हैमिल्टन की कहानी उसकी किताब Soul Surfer में सुनाई गई, जो हमले के अगले साल छपी, और 2011 में इसी नाम की एक फ़िल्म में भी। वह उन लोगों से मिलने जाती रही है और उनकी मदद करती रही है जिन्होंने अपने हाथ-पैर खोए हैं, और जो किसी गहरे सदमे से उबर रहे हैं।

उसकी शादी हो चुकी है, उसके बच्चे हैं, और वह आज भी सर्फ़ करती है, दुनिया की कुछ सबसे बड़ी और सबसे ताक़तवर लहरों पर भी।

तेरह साल की उम्र में उसने एक बाँह खो दी। समंदर उसने नहीं खोया।

और पढ़ना चाहते हैं?

बेथनी हैमिल्टन ने अपनी कहानी शेरिल बर्क और रिक बंडशू के साथ लिखी Soul Surfer में सुनाई है। उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी सर्फ़िंग का, और दूसरों का हौसला बढ़ाने के उसके काम का ब्योरा है।

Want to read more?

This story is told briefly. For the full, detailed account, these books and records go deeper:

  1. Bethany Hamilton with Sheryl Berk and Rick Bundschuh, Soul Surfer: A True Story of Faith, Family, and Fighting to Get Back on the Board. MTV Books, 2004.
  2. Bethany Hamilton. Bethany Hamilton (official website).

About this story

This is a translation of the original English story. It was prepared with AI assistance and is awaiting review by a native speaker.

This story is awaiting final editorial fact-checking. If you spot an error, please let us know.

Shared on 1Kahani for reading and awareness. All credit for the research belongs to the authors and records listed under "Want to read more?". Based on Bethany Hamilton's autobiography and published reports; no quotations have been invented.

Have a copyright concern about this story? Tell us.

Download for Kindle & e-readers

Read next

MotivationBiography

The Kansas Flyer

When he was seven, a fire in a country schoolhouse left Glenn Cunningham's legs so badly burned that doctors feared he would never walk. He became the fastest miler in the world.

3 min readAges 10+✓ Read1910s–1980s
MotivationBiography

Dancing Again

At sixteen, Sudha Chandran was a rising young classical dancer. Then an accident on the road took her leg. Everyone assumed her dancing days were over. She did not.

3 min readAges 10+✓ Read1960s–1980s
MotivationBiography

The Deaf Composer

On a spring evening in Vienna in 1824, a packed theatre heard a new symphony for the first time. The man who wrote it could not hear a single note.

4 min readAges 10+✓ Read1770s–1820s