← Back to stories

For Kids

बंदर और मगरमच्छ

एक चतुर बंदर रोज़ एक मगरमच्छ के साथ मीठे फल बाँटता है। लेकिन एक दोपहर, आधी नदी पार करते हुए, उसका दोस्त उसे एक भयानक राज़ बताता है।

  • 3 मिनट का पाठ
  • Ages 5–9
  • Fable & folk tale
  • Ancient India
इस भाषा में पढ़ें

भारत में एक चौड़ी नदी के किनारे जामुन का एक पेड़ था, और उस पेड़ पर रक्तमुख नाम का एक बंदर रहता था।

उस पेड़ के फल दूर-दूर तक सबसे मीठे थे। उसके जामुन गुलाबी और रसीले थे और उनसे शहद जैसी ख़ुशबू आती थी, और बंदर दिन भर उन्हें खाता रहता था।

एक गर्म दोपहर एक मगरमच्छ तैरता हुआ किनारे तक आया और डालियों के नीचे छाँव में आराम करने लगा।

"तुम थके हुए लग रहे हो, दोस्त," बंदर ने आवाज़ लगाई। "लो, इनमें से एक चखकर देखो।" और उसने एक जामुन पानी में गिरा दिया।

मगरमच्छ ने इतनी मीठी चीज़ पहले कभी नहीं चखी थी। बंदर ने एक और गिराया, फिर एक और, और जल्दी ही दोनों पुराने दोस्तों की तरह बातें करने और हँसने लगे।

दोस्त के लिए फल

उसके बाद मगरमच्छ रोज़ आने लगा। बंदर उसके साथ अपने फल बाँटता, और मगरमच्छ उसे नदी की कहानियाँ सुनाता: गहरे हरे कुंड, सिक्कों की तरह चमकने वाली मछलियाँ, और बीच नदी का वह टापू जहाँ वह अपनी पत्नी के साथ रहता था।

हर शाम बंदर उसे उसकी पत्नी के लिए भी जामुन देकर घर भेजता।

लेकिन मगरमच्छ की पत्नी ख़ुश नहीं थी।

"अगर फल इतने मीठे हैं," उसने कहा, "तो सोचो, जो बंदर इन्हें रोज़ खाता है, उसका दिल कितना मीठा होगा। मुझे उसका दिल लाकर दो। मैं उसे खाना चाहती हूँ।"

मगरमच्छ सन्न रह गया। "वह मेरा दोस्त है," उसने कहा।

लेकिन उसकी पत्नी रूठ गई, उसने खाना-पीना छोड़ दिया, और कहा कि वह फिर कभी ख़ुश नहीं होगी। आख़िर में, दुखी मन से, मगरमच्छ मान गया।

नदी के पार की सवारी

अगले दिन वह तैरकर जामुन के पेड़ तक गया।

"मेरी पत्नी इतने सारे फलों के लिए तुम्हें धन्यवाद देना चाहती है," उसने कहा। "उसने तुम्हें खाने पर बुलाया है। मेरी पीठ पर चढ़ जाओ, मैं तुम्हें अपने टापू पर ले चलता हूँ।"

बंदर बहुत ख़ुश हुआ। वह हमेशा से वह टापू देखना चाहता था। वह कूदकर मगरमच्छ की पीठ पर बैठ गया और वे नदी के पार चल पड़े।

पानी चौड़ा और गहरा होता गया। पीछे किनारा छोटा होता गया। और जब वे किनारे से बहुत दूर आ गए, तो मगरमच्छ थोड़ा और नीचे डूबने लगा।

"मुझे माफ़ करना, दोस्त," उसने कहा। "मुझे तुम्हें सच बताना ही होगा। मेरी पत्नी तुम्हें खाना नहीं खिलाना चाहती। वह तुम्हारा दिल खाना चाहती है।"

एक चतुर जवाब

बंदर का दिल, जो बिल्कुल उसके सीने के अंदर ही था, ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। चारों ओर गहरा पानी था। उसे तैरना नहीं आता था। भागने की कोई जगह नहीं थी।

लेकिन वह न चीख़ा, न छटपटाया। उसने धीरे से एक लंबी साँस ली और सोचा।

फिर वह हँस पड़ा। "अरे, मेरे प्यारे दोस्त! तुमने चलने से पहले क्यों नहीं बताया? क्या तुम्हें नहीं पता कि बंदर अपना दिल कभी साथ लेकर नहीं घूमते? वह तो बहुत क़ीमती होता है। मैं अपना दिल जामुन के पेड़ के खोखले में सँभालकर रखता हूँ।"

"सच में?" मगरमच्छ ने कहा।

"और क्या! मुझे वापस ले चलो, मैं अभी तुम्हारी पत्नी के लिए उसे ले आता हूँ।"

मगरमच्छ, जो ज़्यादा समझदार नहीं था, मुड़ा और जितनी तेज़ी से हो सका, तैरकर किनारे की ओर लौट गया।

जैसे ही वे पेड़ के पास पहुँचे, बंदर उसकी पीठ से कूदा, फुर्ती से तने पर चढ़ा और सबसे ऊँची डाली पर जा बैठा।

"मूर्ख मगरमच्छ!" उसने नीचे की ओर पुकारा। "किसी का दिल पेड़ पर नहीं रहता। जो दोस्त मुझे खाए जाने के लिए ले जाए, वह दोस्त है ही नहीं। घर जाओ, और फिर कभी मत आना।"

मगरमच्छ शर्मिंदा होकर तैरता हुआ चला गया। और बंदर अपने पेड़ पर ही रहा, पहले से थोड़ा उदास और कहीं ज़्यादा समझदार, अकेले बैठकर जामुन खाता हुआ।

इस कथा के बारे में

पंचतंत्र प्राचीन भारत की जानवरों वाली कथाओं का एक संग्रह है, जिसे संस्कृत में इसलिए लिखा गया था कि युवा राजकुमार समझदारी से जीना सीखें। इसकी कहानियाँ फ़ारस, अरब और यूरोप तक पहुँचीं और दुनिया में सबसे ज़्यादा बार दोबारा सुनाई जाने वाली कहानियों में गिनी जाती हैं। यह कहानी का एक छोटा और सरल किया हुआ रूप है।

Read next

For KidsFable & folk tale

Birbal's Khichdi

A poor man stands all night in an icy lake to win a reward from Emperor Akbar. But the court says a far-away lamp kept him warm, and he gets nothing. Then Birbal starts cooking his khichdi.

3 min readAges 6–10Mughal India, 16th century
For KidsFable & folk tale

Counting the Crows

Emperor Akbar asks his court a question nobody could possibly answer. How many crows live in the city? Birbal answers at once.

4 min readAges 5–9Mughal India, 16th century
For KidsFable & folk tale

Tenali Rama and the Thieves

One hot summer night, clever Tenali Rama spots two thieves hiding in his garden. Instead of shouting for help, he has a quiet chat with his wife, loudly enough for the thieves to hear.

3 min readAges 5–9Vijayanagara Empire, 16th century